बिहार

Gandak के तेज बहाव में बही 10 साल की बच्ची, डूबने से मौत

Kavita2
14 July 2026 11:52 AM IST
Gandak के तेज बहाव में बही 10 साल की बच्ची, डूबने से मौत
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पश्चिम चंपारण : बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने मंगलवार को एक परिवार की खुशियां छीन लीं। योगापट्टी प्रखंड के सिसवा गांव में सड़क पर आए तेज पानी के बहाव को पार करने के दौरान 10 वर्षीय बच्ची पानी की धारा में बह गई। हादसे के बाद बच्ची पोखरे में जा गिरी, जहां डूबने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

मृत बच्ची की पहचान सिसवा गांव निवासी जिउत मुखिया की पुत्री निकी कुमारी (10) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह करीब 10:15 बजे निकी किसी काम से सड़क पार कर रही थी। इस दौरान गांव की सड़क पर गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण करीब पांच फीट तक पानी तेज रफ्तार से बह रहा था।

ग्रामीणों के अनुसार, पानी का बहाव काफी तेज था। बच्ची ने सड़क पार करने की कोशिश की, लेकिन अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी की तेज धारा में बह गई। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही पल में वह पानी में दूर चली गई।

हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और ग्रामीणों ने बच्ची की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद बच्ची को पोखरे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश और गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण क्षेत्र के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। गांव की कई सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि पानी के तेज बहाव वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण इस तरह की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए और लोगों को सुरक्षित आवागमन के लिए जरूरी इंतजाम उपलब्ध कराए जाएं।

गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण पश्चिम चंपारण के कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन रही है। नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को लगातार सतर्क रहने की अपील की जा रही है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की गई है कि वे तेज बहाव वाले पानी वाले रास्तों को पार करने से बचें।

निकी कुमारी की मौत के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन को घटना की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों की ओर से स्थिति का जायजा लिया जा रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी कदम उठाने की बात कही गई है।

बरसात के मौसम में नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण बिहार के कई जिलों में हर साल ऐसी घटनाएं सामने आती हैं। प्रशासन की ओर से बार-बार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, लेकिन कई बार तेज बहाव और जलभराव के कारण हादसे हो जाते हैं।

सिसवा गांव की इस घटना ने एक बार फिर बाढ़ प्रभावित इलाकों में सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

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